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INS Vikrant: समुद्र का राजा ! जानें भारत के इस स्वदेशी युद्धपोत की ताकत और खास बातें

Posted on March 8, 2026

INS विक्रांत भारत के रक्षा इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली जहाज है। भारतीय नौसेना का INS Vikrant भारत का गौरव है क्योंकि यह भारत में निर्मित पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) है। इसके बारे में कुछ ऐसी खास और “हैरान कर देने वाली” बातें हैं जो हम आपको बता रहे हैं।

​1. “मेड इन इंडिया” की सबसे बड़ी मिसाल

​यह भारत का पहला स्वदेशी (Indigenous) विमानवाहक पोत है। इसे बनाने में इस्तेमाल हुआ 76% सामान भारतीय है। इससे पहले हमारे पास जो भी विमानवाहक पोत थे, वे हमने दूसरे देशों (जैसे रूस या ब्रिटेन) से खरीदे थे।

​2. बिजली घर जैसी ताकत

​INS विक्रांत में लगे इंजन इतनी बिजली पैदा कर सकते हैं जिससे पूरे एक छोटे शहर को रोशन किया जा सकता है। इसमें चार जनरल इलेक्ट्रिक के गैस टर्बाइन लगे हैं जो इसे 88,000 हॉर्सपावर की जबरदस्त ताकत देते हैं।

​3. स्टील की मजबूती

​इसे बनाने के लिए विशेष प्रकार के ‘वॉरशिप ग्रेड स्टील’ का इस्तेमाल किया गया है, जिसे भारत की कंपनी SAIL ने तैयार किया है। इससे पहले भारत इस तरह का स्टील विदेशों से मंगवाता था।

​4. विशाल बनावट (आंकड़ों में):

  • ​केबल की लंबाई: इस जहाज के अंदर जितनी इलेक्ट्रिक वायरिंग और केबल इस्तेमाल हुए हैं, उनकी कुल लंबाई 2,400 किलोमीटर से भी ज्यादा है। यह दूरी कोच्चि से दिल्ली तक की दूरी के बराबर है।
  • ​रसोई (Kitchen): इसकी गैली (रसोई) इतनी आधुनिक है कि यहाँ एक दिन में 16,000 रोटियां और हजारों लोगों का खाना आसानी से बनाया जा सकता है।
  • ​अस्पताल: इसके अंदर एक 16 बेड का अस्पताल है, जिसमें लैब, सीटी स्कैन मशीन और ऑपरेशन थिएटर भी मौजूद है।

​5. रनवे की खासियत

​इसका रनवे ‘स्की-जंप’ (Ski-Jump) डिजाइन का है। आपने देखा होगा कि इसका अगला हिस्सा थोड़ा ऊपर की ओर मुड़ा हुआ है। यह लड़ाकू विमानों को बहुत छोटी दूरी से टेक-ऑफ करने में मदद करता है।

​INS Vikrant की विशालता के रोचक तथ्य:

  • ​आकार: इसकी लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है। इसमें करीब 14 मंजिलें (Decks) हैं और कुल 2,300 कमरे हैं।
  • ​तैरता हुआ शहर: इस पर एक साथ 1,700 से ज्यादा नौसैनिक रह सकते हैं। इसके अंदर एक पूरी तरह सुसज्जित अस्पताल, जिम और एक बड़ी रसोई है जहाँ हर घंटे हजारों रोटियां बनाई जा सकती हैं।
  • ​विमान क्षमता: यह अपने साथ 30 लड़ाकू विमान (जैसे MiG-29K) और हेलीकॉप्टर ले जा सकता है। इसका रनवे इतना बड़ा है कि इस पर दो फुटबॉल के मैदान समा सकते हैं।
  • ​रफ़्तार: इसकी टॉप स्पीड 28 समुद्री मील (करीब 52 किमी/घंटा) है। यह एक बार ईंधन भरने पर 7,500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है।

​भारतीय नौसेना भर्ती हेल्पलाइन:

  • ​Toll-Free Number: 1800-419-2929
  • ​Official Website: joinindiannavy.gov.in

FAQ. :

​प्रश्न 1: INS विक्रांत को किस कंपनी ने बनाया है?

उत्तर: INS विक्रांत का निर्माण केरल स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited) ने किया है। इसे भारतीय नौसेना के ‘वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो’ ने डिज़ाइन किया था।

​प्रश्न 2: INS विक्रांत पर कौन-से लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं?

उत्तर: वर्तमान में इस पर मुख्य रूप से MiG-29K लड़ाकू विमान और MH-60R, कामोव-31 जैसे आधुनिक हेलीकॉप्टर तैनात रहते हैं। भविष्य में इस पर स्वदेशी TEDBF (Twin Engine Deck Based Fighter) विमानों को तैनात करने की योजना है।

​प्रश्न 3: INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य में क्या अंतर है?

उत्तर: मुख्य अंतर यह है कि INS विक्रांत पूरी तरह भारत में बना (स्वदेशी) है, जबकि INS विक्रमादित्य को रूस से खरीदा गया था। विक्रांत आधुनिक तकनीक और स्वदेशी उपकरणों के मामले में विक्रमादित्य से कहीं आगे है।

​प्रश्न 4: क्या INS विक्रांत परमाणु शक्ति (Nuclear Powered) से चलता है?

उत्तर: नहीं, INS विक्रांत गैस टर्बाइन इंजन से चलता है। इसमें चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन लगे हैं जो इसे समुद्र में तेज़ रफ्तार से दौड़ने की शक्ति देते हैं।

​प्रश्न 5: INS विक्रांत का आदर्श वाक्य (Motto) क्या है?

उत्तर: इसका आदर्श वाक्य है— “जयेम सं युधि स्पृधः”, जिसका अर्थ है— “मैं उन लोगों को हराता हूँ जो मेरे खिलाफ लड़ते हैं।” यह ऋग्वेद से लिया गया है।

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