Skip to content

Digital Desk

तकनीक और तरक्की का संगम

Menu
  • Home
  • Govt Schemes
  • Gyan-Vigyan
  • Health
  • Dharma
  • Make Money
    • Get Fund
    • Stock Market
  • Technology
  • Entertainment
  • Helpline
    • Healthwise Helpline
      • Diabetes Doctor
      • Neurologist
      • Cardiologist
      • Psychiatrists
      • Cancer Specialist
    • Statewise Helpline
      • Uttar Pradesh
      • Bihar
      • Delhi
      • Haryana
      • Kolkata
      • Maharashtra
      • Punjab
      • USA
      • Important Helpline No.
    • Professional
    • Government Service
      • Banking
      • IFSC Code
      • Pincode
      • Article
  • About us
    • About
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Disclaimer
Menu
Aravan Utsav Tamilnadu

किन्नर क्यों करते हैं एक रात की शादी? जानिए इरावन और मोहिनी की पौराणिक कथा

Posted on March 22, 2026

किन्नर समुदाय (हिजड़ा समुदाय) में एक रात की शादी की परंपरा उनके आराध्य देव इरावन (अरावन) से जुड़ी हुई है। यह परंपरा मुख्य रूप से तमिलनाडु के कूवगम (Koovagam) गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक उत्सव के दौरान निभाई जाती है।

इसके पीछे की पौराणिक कथा और कारण निम्नलिखित हैं:

महाभारत की पौराणिक कथा (Mahabharata Mythological Story)

महाभारत के युद्ध के दौरान एक समय ऐसा आया जब पांडवों की जीत के लिए एक राजकुमार की बलि दी जानी थी। इसके लिए अर्जुन के पुत्र इरावन तैयार हुए, लेकिन उनकी एक अंतिम इच्छा थी कि वे मरने से पहले विवाह करना चाहते थे।

समस्या यह थी कि कोई भी राजकुमारी ऐसे व्यक्ति से विवाह करने को तैयार नहीं थी जिसकी अगली सुबह मृत्यु निश्चित हो। तब भगवान कृष्ण ने मोहिनी का रूप धारण किया और इरावन से विवाह किया। अगले दिन इरावन की बलि दे दी गई और मोहिनी (कृष्ण) ने एक विधवा की तरह शोक मनाया।

परंपरा का महत्व

किन्नर स्वयं को भगवान कृष्ण का वही ‘मोहिनी’ रूप मानते हैं। इसी मान्यता के कारण वे इस परंपरा को निभाते हैं:

हर साल उत्सव के दौरान किन्नर भगवान इरावन की मूर्ति के साथ विवाह करते हैं। मंदिर के पुजारी उनके गले में 'तली' (मंगलसूत्र) बांधते हैं। इस दिन वे दुल्हन की तरह सजते हैं और खुशियां मनाते हैं। विवाह के अगले दिन, भगवान इरावन की प्रतीकात्मक मृत्यु के बाद, किन्नर अपना श्रृंगार उतार देते हैं, चूड़ियां तोड़ते हैं और सफेद कपड़े पहनकर विधवा के रूप में शोक मनाते हैं।

सामाजिक और आध्यात्मिक पहलू

अरावन उत्सव तमिलनाडु (Aravan Festival Tamil Nadu) : यह परंपरा उनके समुदाय के लिए केवल एक रस्म नहीं, बल्कि अपनी पहचान और आस्था को अभिव्यक्त करने का एक तरीका है। यह उनके आराध्य के प्रति उनके समर्पण और पौराणिक इतिहास से उनके जुड़ाव को दर्शाता है। यह परंपरा वास्तव में आस्था और त्याग का एक अनूठा संगम है। तमिलनाडु के कूवगम (Koovagam) में होने वाला यह उत्सव दुनिया भर के पर्यटकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करता है।

इस रस्म के बारे में कुछ और दिलचस्प बातें जो इसे खास बनाती हैं:

हर साल हज़ारों की संख्या में किन्नर इस १८-दिवसीय उत्सव में शामिल होने के लिए इकट्ठा होते हैं। यह उनके लिए एक तरह का 'री-यूनियन' भी होता है। उस एक रात के लिए वे सबसे सुंदर साड़ियाँ और आभूषण पहनते हैं। उनके लिए यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व को 'मोहिनी' के रूप में जीने का एक मौका होता है। अगले दिन जब वे विधवा का रूप धारण करते हैं, तो वे पूरी तरह से शोक में डूब जाते हैं। यह दिखाता है कि वे अपनी पौराणिक जड़ों से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं।

भारतीय संस्कृति में ऐसी कई अन्य रोचक परंपराएं भी हैं। क्या आप किन्नर समुदाय की अन्य सामाजिक प्रथाओं के बारे में जानना चाहेंगे, या किसी विशेष पौराणिक कथा में आपकी रुचि है?

निष्कर्ष : अंत में यह जरूर लिखें कि यह परंपरा न केवल धार्मिक है, बल्कि किन्नर समुदाय को समाज में एक विशेष सांस्कृतिक पहचान भी देती है।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • शादी माने क्या ? – आचार्य प्रशांत
  • हम खुद को कितना समझते हैं ?
  • अपने स्मार्टफोन को बनायें पावरफुल यूनिवर्सल टीवी रिमोट
  • अत्याधुनिक टाइमर अलार्म एंड पोमोडोरो ऐप
  • मार्केट का मूड को कैसे पहचानें ?

Recent Comments

  1. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  2. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  3. Vijay on संसार दुखालय क्यों है ?

Archives

  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025

Categories

  • Gyan-Vigyan
  • Health
  • Religion
  • Govt. Scheme
  • Jobs
  • Entertainment
  • Technology
  • Make Money
  • Professional
  • Healthwise Helpline
  • Stock Market
  • Banking
  • Article

Source of Information: The information related to government schemes and services provided on this platform is sourced from official government portals like india.gov.in and nic.in.
Disclaimer: Digital Desks is an independent information portal and is NOT affiliated with any government entity or department.
​सूचना का स्रोत: इस प्लेटफॉर्म पर दी गई सरकारी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी आधिकारिक सरकारी पोर्टलों जैसे india.gov.in और nic.in से ली गई है।
अस्वीकरण: डिजिटल डेस्क एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है और यह किसी भी सरकारी इकाई या विभाग के साथ संबद्ध नहीं है।

©2026 Digital Desk | Design: Newspaperly WordPress Theme